Monthly Archives: October 2017

Jazba – A ghazal dedicated to all our Jawan!

जज़्बा( एक नई ग़ज़ल, उन ख़ास बहादूर जवानों के नाम के नाम, जिनके सरहद पर डटें होने से, आज हम सब चैन से इन त्योहारों की खुशियां मना सकते हैं|..) गिरते सँभलते ही सिखाथा चलना  ना बदलेंगे गिरके सँभालने का जज़्बा!बनते बिगड़ते … Continue reading

Posted in Song transcription | Leave a comment